“*आजाद भारत में गुलामी प्रथा नहीं चलेगी*” —
*महिला शिक्षक संघ प्रयागराज*
जनपद प्रयागराज- 26/2/2026
आज जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी को एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले तथा राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 23 में 2017 के संशोधन द्वारा थोपी गई व्यवस्था के विरुद्ध कड़ी आपत्ति जताई गई_
_यह फैसला RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर TET अनिवार्य करने के विरुद्ध है, जो संवैधानिक सिद्धांतों एवं पूर्वव्यापी प्रभाव के सामान्य नियमों के प्रतिकूल है। कोई भी कानून और नियम परिवर्तन सामान्यतः भविष्य की तिथियां से लागू नहीं किए जाते हैं।_
_इससे उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख तथा देशभर में 20 लाख से अधिक शिक्षकों का भविष्य संकटग्रस्त हो गया है। निरंतर मानसिक दबाव से उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही है तथा समाज में नकारात्मक भावना व्याप्त हो रही है।_
जिलाध्यक्ष अनुरागिनी ने सिंह के द्वारा शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि
माननीय प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री जी को बड़े ही विनम्रता के साथ गुहार लगाया के हमारी नियुक्ति का मापदंड 2011 से पूर्व जो था उसमें अब यह नया मापदंड क्यों लागू किया जा रहा है? क्यों हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करा जा रहा है , हम सभी योग्य शिक्षक हैं ,और समय समय पर हमारी योग्यता को अपडेट करने के लिए विभाग द्वारा प्रशिक्षण कराए जाते रहे हैं आरटीई एक्ट 2009 से पूर्व शिक्षकों को टेट अनिवार्य नहीं था, अतः 2011 के बाद की नियुक्तियों में लागू किया जाना समय की मांग है शिक्षा में सुधार की मांग है और हम सभी उसका सहर्ष स्वागत करते हैं, हम इस नीति के विरोधी नहीं हैं। हम गुणवत्ता के विरोधी नहीं हैं।
हम शिक्षा सुधार के विरोधी नहीं हैं। हम केवल और केवल यह कहना चाहते हैं कि 10 -15 -20 वर्षों की तपस्या के पश्चात हमें ऐसा दंड न दिया जाए।
हमने कई नौनिहालों के भविष्य को बनाया है।आज हमारा खुद का भविष्य खतरे में पड़ गया है। आज जब शिक्षक अपने सेवानिवृत्ति और भविष्य सुरक्षित करने की सोच रहा है, ऐसे में पहले वह अपने भविष्य के खतरे को देखते हुए नौकरी बचाने के लिए प्रयासरत है। किसी अन्य विभाग में कभी ऐसा नहीं होता। योजनाओं को लागू करने के समय से ही चीजें आगे बढ़ती हैं। पीछे जाकर के उन योजनाओं पर कार्य नहीं किया जाता।
_ज्ञापन सौंपने के अवसर पर जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा सैकड़ो की संख्या में महिला शिक्षक उपस्थित रहे।
जिले की महामंत्री संगीता सिंह भदौरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कविता त्रिपाठी, मंत्री रितु सिंह, मोनिका द्विवेदी, अल्का जायसवाल, मृदुला तिवारी, पूनम यादव ,रचना भटनागर, सुनीता सिंह, प्रितपाल कौर त्रिपाठी, इन्दु सिंह ,बरखा बाजपेयी ,नीता उपाध्याय, शुचिता पाण्डेय, निधि सिंह ,अलका शर्मा ,ललिता तिवारी समस्त ब्लॉक के अध्यक्ष कहकंशा अनवर, श्वेता अनुक्रम, सरबजीत कौर, सरिता सिन्हा , दीप्ति, कल्पना शुक्ला,अमृता सिंह, पुष्पलता सिंह, हेमलता सरिता सिन्हा, पूनम शिखा पांडे समेत सैकड़ों शिक्षिकाओं ने इस रैली में प्रतिभाग किया और अपनी आवाज को बुलंद किया। इस धरना प्रदर्शन में लगभग सभी मान्यता प्राप्त संगठनों ने एक साथ आवाज बुलंद किया और एक मंच पर आकर माननीय प्रधानमंत्री जी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से अपनी गुहार लगाई।
अनुरागिनी सिंह
जिलाध्यक्ष
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ प्रयागराज