*श्रद्धालुओं को भा रहा एक्युप्रेशर उपचार का सचल कैम्प*
प्रयागराज। एक्यूप्रेशर संस्थान द्वारा माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के उपचार हेतु संचालित ‘सचल उपचार कार्यक्रम’ श्रद्धालुओं को बहुत पसंद आ रहा है। केवल रंग, मेथी, मटर से किया जा रहा उपचार पूर्ण रूप से प्राकृतिक उपचार है। यह इस विधा की विशेषता है जिसकी वजह से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। कल्पवासियों के जाने के साथ ही स्थाई रूप से चल रहे अधिकतर उपचार केंद्र समाप्त किए जा चुके हैं लेकिन सरकारी चिकित्सालयों में अभी भी एक्यूप्रेशर के चिकित्सक अपने सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि उन केंद्रो पर अब श्रद्धालुओं का आगमन कम है, लेकिन स्नानार्थियों की संख्या अब भी बनी हुई है। ऐसे में वैन के माध्यम से चलते-फिरते श्रद्धालुओं को इस विधा की जानकारी और उपचार बहुत भा रहा है। संस्थान के अध्यक्ष जेपी अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला क्षेत्र में प्रमुख प्रशासनिक चिकित्सालयों, विश्व हिन्दू परिषद सहित 12 स्थानों पर उपचार कार्यक्रम चल रहा था, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 35000 श्रद्धालुओं का उपचार किया गया।
एक्युप्रेशर उपचार के लिए मेला प्रभारी रामकुमार शर्मा की देखरेख में सुनील मिश्रा, अभय त्रिपाठी, प्रमोद,रीता गुप्ता, मुकेश सहित लगभग तीस लोगों की टीम ने लगातार सेवाएं दी हैं और सचल उपचार के तौर पर यह क्रम अभी भी जारी है।
ज्ञात हो विगत 30 वर्षों से लगातार संस्थान द्वारा एक्यूप्रेशर उपचार शिविर लगाकर सेवा कार्य किया जा रहा है। पिछले महाकुंभ मे 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को उपचार दिया गया था।