अहिंसा, दृढ़ संकल्प और नागरिक अधिकार की बड़ी जीत: प्रहलाद पाण्डेय का 9 दिवसीय ऐतिहासिक सत्याग्रह समाप्त


​इंदौर। 24 सितंबर 2026 शहर में अवैध बैनर, पोस्टर, स्वागत द्वार और अन्य अनधिकृत प्रचार सामग्री पर रोक लगाने तथा कानून का सख्ती से पालन कराने की मांग को लेकर पिछले 9 दिनों से जल के अलावा कुछ भी ग्रहण न करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पाण्डेय ने आज सुबह 11:00 बजे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास, अनशन स्थल पर सड़क पर चलते हुए एक आम नागरिक के हाथों नारियल पानी ग्रहण कर अपना ऐतिहासिक सत्याग्रह सफलतापूर्वक समाप्त किया।


​इस आंदोलन का समापन “जनधर्म जिंदाबाद!”, “अहिल्या माता जिंदाबाद!” और “महात्मा गांधी जिंदाबाद!” के गूंजते नारों तथा उत्साह के माहौल के बीच हुआ। इस अवसर पर नगर निगम डिप्टी कमिश्नर श्री केशव सिंह सेंगर और जूनी इंदौर तहसीलदार श्री कमलेश कुशवाहा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
​प्रशासन का लिखित आश्वासन: 25 सितम्बर सुबह 10 बजे तक हटेंगे अवैध स्वागत द्वार
​लगातार नौ दिनों के उपवास के चलते प्रहलाद पाण्डेय की तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल में इलाज कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। उनकी स्थिति को देखते हुए रात्रि लगभग 2 बजे नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर श्री केशव सिंह सेंगर अपनी टीम के साथ बॉम्बे हॉस्पिटल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचे।


​वहाँ प्रशासन की ओर से लिखित रूप में यह आश्वासन दिया गया कि 25 सितम्बर को सुबह 10 बजे तक महू नाका चौराहा, बाणगंगा चौराहा और मरीमाता चौराहा क्षेत्र में लगे सभी अवैध स्वागत द्वारों को पुलिस बल की सहायता से हटा दिया जाएगा। नगर निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध प्रचार सामग्री के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन के बाद ही प्रहलाद पाण्डेय ने अपना सत्याग्रह समाप्त करने का निर्णय लिया।


​सत्याग्रह किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, व्यवस्था सुधार के लिए था: प्रहलाद पाण्डेय
​सत्याग्रह समाप्त करने के बाद प्रहलाद पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या संगठन के विरोध में नहीं था, बल्कि यह कानून के समान रूप से क्रियान्वयन और इंदौर शहर की सुंदरता व गरिमा को बनाए रखने के लिए था।
​उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में आने वाले धार्मिक एवं राजनीतिक आयोजनों के लिए मोबाइल बैनर, पोस्टर और स्वागत द्वार लगाने हेतु स्पष्ट, सार्वजनिक और समान रूप से लागू होने वाले दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी जाए ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत प्रचार पर प्रभावी रोक लग सके।


​संगीता पाण्डेय का ऐलान: “जारी रहेगा जनधर्म का यह अभियान”
​इस अवसर पर संगीता पाण्डेय ने उपस्थित नागरिकों और जनधर्म कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन यहीं समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने দৃঢ় शब्दों में कहा :
​“जनधर्म जारी रहेगा और आने वाले समय में जनसमर्थन के साथ एक व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।”
​उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में पारदर्शिता, नागरिक अधिकारों और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रति जन-जागृति लाना है।
​आंदोलन में पारदर्शिता और सहयोगियों के प्रति आभार
​प्रहलाद पाण्डेय ने अपने सत्याग्रह के दौरान पूरी तरह पारदर्शिता बनाए रखी। उन्होंने बताया कि जनता द्वारा दी गई आर्थिक सहायता लेने से उन्होंने पूरी तरह परहेज किया, केवल श्री राजीव तलवार से ₹100 और एक अन्य व्यक्ति से ₹100 सहयोग स्वरूप स्वीकार किए। आंदोलन में प्राप्त अन्य जरूरी सामग्रियां जैसे छतरियां, दरियां, गद्दे, पुस्तकें और चिकित्सा उपकरण पूरी ईमानदारी से सार्वजनिक रखे गए।

​साथ ही, प्रहलाद पाण्डेय एवं संगीता पाण्डेय ने इस पूरे अभियान में भरपूर सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन, नगर निगम अधिकारियों, सभी जनधर्म कार्यकर्ताओं और इंदौर की जागरूक जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 16 सितम्बर को उनके साथ हुई घटना के संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस मामले में भी निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
संवाददाता: राजेश निगम
(प्रदेश अध्यक्ष – भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा)

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