निरंजन श्रीवास्तव
वाराणसी, 29 सितंबर 2026।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश जनपद शाखा-वाराणसी और अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी पेंशनर फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को शास्त्री घाट वरुणा पुल कचहरी पर अपनी बारह सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी विशाल धरना दिया गया।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि सरकार पेंशनरों को भ्रम में डालकर अनदेखी कर रही है। पेंशनरों का आरोप है कि 25 मार्च 2025 को लाये गये वैलिडेशन एक्ट में सिविल पेंशन नियमों में संशोधन कर 1 जनवरी 2026 के पूर्व के पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग की परिधि से बाहर कर दिया गया है, जिससे वे स्थिर महंगाई राहत व अन्य सुविधाओं से वंचित हो गये हैं।

वक्ताओं ने कहा कि महंगाई राहत बाजार महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ाई जा रही है। भारत सरकार के 2008 के गजट के अनुसार अलग प्राइस इंडेक्स बनाया जाय। अल्पभोगी पेंशनर द्वारा कम्युटेड पेंशन के रूप में ली गई एकमुश्त राशि की वसूली 10 वर्ष में पूरी होने के बाद भी वर्षों तक जारी है, जिसे बंद किया जाय। राशिकरण कटौती 10 वर्ष में बंद करने का शासनादेश जारी किया जाय।

पेंशनरों ने मांग की कि 80 वर्ष पर 20 प्रतिशत वृद्धि के बजाय सेवानिवृत्ति के प्रत्येक 5 वर्ष पर 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि दी जाय ताकि जीवित अवस्था में लाभ मिल सके। कोविड काल के रोके गये 18 माह के महंगाई भत्ते को तत्काल जारी किया जाय तथा बुजुर्गों की समस्याओं के लिए अलग वरिष्ठ नागरिक पेंशनर आयोग का गठन किया जाय।

धरने के बाद पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन माननीय सांसद/प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपा।
धरने को श्यामधनी उमाकान्त पाण्डेय, डॉ. निरंजन श्रीवास्तव, मदन मोहन, डॉ. श्रीकान्त पांडेय, राजेश पाण्डेय, सीताराम, राकेश दीक्षित, गोपाल जी यादव, राजेन्द्र, इंजी. राधेश्याम पटेल, इंजी. सोमारू पाण्डेय, छोटेलाल, अशोक सिंह, महिमा दत्त द्विवेदी, सहदेव तिवारी, डॉ. राम अवतार यादव, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया।
धरने में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे। अध्यक्षता विरेन्द्र सिंह ने तथा संचालन जिलामंत्री अशोक सिंह (मो. 7651823278) ने किया।
