शास्त्री विचारधारा से राजनीतिक शुचिता के नए युग का शुभारंभ

राष्ट्रीय जन जागरण पार्टी का ऐतिहासिक प्रादुर्भाव

वाराणसी : पूज्य लाल बहादुर शास्त्री जी की विचारधारा, आदर्शों एवं जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्यरत भारतीय जन जागरण समिति ने अपने सामाजिक एवं वैचारिक कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए आज “राष्ट्रीय जन जागरण पार्टी” के रूप में राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया।
चांदपुर चौराहा स्थित बनारस पैलेस उद्यान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में नई राजनीतिक पार्टी के प्रादुर्भाव की औपचारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य राजनीति में शुचिता, पारदर्शिता, जवाबदेही, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी को मजबूत करना तथा पूज्य शास्त्री जी के “जय जवान, जय किसान” के विचार को सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में नई ऊर्जा के साथ प्रतिष्ठित करना रहा।


कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने धर्म, जाति, क्षेत्र एवं अन्य सामाजिक विभाजनों से ऊपर उठकर समतामूलक, प्रगतिशील, गतिशील एवं बंधुत्वपूर्ण समाज के निर्माण तथा सामाजिक कुरीतियों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों के विरुद्ध सकारात्मक जनजागरण का संकल्प लिया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने “सत्यमेव जयते” एवं “श्रमेव जयते” के मूल भाव को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाने का संकल्प भी दोहराया।

तीन चरणों में हुआ ऐतिहासिक आयोजन

इस विशेष आयोजन को तीन प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया था, जिसने पूरे कार्यक्रम को विशिष्ट एवं यादगार बना दिया।

प्रथम चरण — काव्यार्चन : शब्दों से शास्त्री विचारों को नमन

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन तथा माँ शारदे एवं पूज्य लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात संतोष कुमार ‘प्रीत’ के संयोजन में शहर के जाने-माने कवियों ने काव्यार्चन प्रस्तुत किया।
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, जनजागरण एवं शास्त्री जी के आदर्शों को स्वर प्रदान किया। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया।


काव्यार्चन में फुर्तीला बनारसी, आनन्द कृष्ण ‘मासूम’, रामजतन पाल ‘सज्जन’, डॉ. प्रताप शंकर दुबे, डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना एवं डॉ. विनोद वर्मा ने काव्य प्रस्तुतियां दीं। संचालन संतोष कुमार ‘प्रीत’ ने किया।
सभी कवियों को मेजर सूबेदार सिंह एवं डॉ. बेनी माधव द्वारा अंगवस्त्रम, स्मृति-चिह्न एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।

द्वितीय चरण — “शास्त्री ब्रिगेड” का मंचासीन होना

कार्यक्रम का दूसरा चरण अपने आप में अत्यंत भावनात्मक एवं प्रेरणादायी रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने संगठन के समर्पित एवं सक्रिय कार्यकारिणी सदस्यों, जिन्हें “शास्त्री ब्रिगेड” के नाम से संबोधित किया गया, को एक साथ मंच पर आमंत्रित किया और उपस्थित जनसमुदाय से उनका परिचय कराया।
शास्त्री जी के विचारों को आत्मसात कर संगठन के लिए समर्पित इन कार्यकर्ताओं का एक साथ मंच पर उपस्थित होना कार्यक्रम का अद्भुत एवं भावुक कर देने वाला क्षण रहा। इस अवसर पर शास्त्री ब्रिगेड के कुछ सदस्यों ने अपने विचार भी व्यक्त किए।

तृतीय एवं मुख्य चरण — राष्ट्रीय जन जागरण पार्टी का शुभ प्रादुर्भाव

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह ऐतिहासिक क्षण रहा, जब “राष्ट्रीय जन जागरण पार्टी” के राजनीतिक पदार्पण की औपचारिक घोषणा की गई।
मुख्य कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश श्री चंद्रभाल सुकुमार ने की। प्रमुख वक्ताओं में पद्मश्री प्रो मंगला कपूर, प्रोफेसर कुमुद रंजन, सूबेदार मेजर राम जनम सिंह, डॉ. बी. एन. सिंह, डॉ. निरंजन श्रीवास्तव, डॉ. बेनी माधव, श्री के. एन. श्रीवास्तव एवं श्रीमती सुमन जायसवाल प्रमुख रूप से रहे।
एमएलसी प्रत्याशी, राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित, प्रखर वक्ता एवं शिक्षाविद डॉ. बेनी माधव ने अपने संबोधन में राजनीतिक शुचिता, शिक्षा, राष्ट्र निर्माण तथा युवा शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नई राजनीतिक पहल को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने किया। स्वागत भाषण राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंदकंद चौबे ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुमन जायसवाल ने किया। कार्यक्रम के प्रभारी पल्लव श्रीवास्तव रहे।

अतिथियों का अभिनंदन और “शास्त्री प्रसादम्”

कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों एवं आगंतुकों का विशेष रूप से तैयार “वेलकम किट” के माध्यम से स्वागत किया गया। यह पहल कार्यक्रम की आत्मीयता एवं संगठन की विशिष्ट कार्यसंस्कृति का परिचायक रही।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित जनों के लिए “शास्त्री प्रसादम्” के रूप में सहभोज का आयोजन किया गया। यह सहभोज केवल भोजन का आयोजन न होकर समानता, आत्मीयता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बना, जिसमें सभी ने एक साथ बैठकर सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महेंद्र नारायण लाल, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, बृजेश पांडे, उमेश चंद जैन, कुमकुम श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, अशोक कुमार, शेखर श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, धीरेंद्र कुमार, संतोष कुमार ‘प्रीत’, बागेश्वरी प्रसाद, चंद्र प्रकाश, महेंद्र कुमार ‘मुन्ना’, मंजुल नाथ तिवारी, राजेश प्रज्ञापूरी, धनी शंकर, सुमित कुमार मालू, सरदार सतपाल सिंह, सूर्य श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, विनोद कुमार श्रीवास्तव, रविंद्र कुमार ‘पप्पू’, संतोष लहरतारा, ध्रुव ज्योति शर्मा, विनय कुमार सिंह, राजकुमार सिंह, प्रकाश श्रीवास्तव, अंबरीष श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, मंत्र भूषण पांडे, स्वीटी श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, डॉ. विनोद कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं समर्थक उपस्थित रहे।
निरंजन कुमारश्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ वाराणसीमण्डल

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