आयुष श्रीवास्तव / अनुज अग्रवाल / गरिमा मिश्रा
दुद्धी (सोनभद्र) । बीते 23 जुलाई को जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में अपर जिलाधिकारी ने दुद्धी तहसील के 11 लेखपालों के तहसील क्षेत्र में बदलाव करते हुए उनका स्थानांतरण किया था ।
लेकिन दुद्धी के 3 लेखपालों को आदेश के महीनों तक दुद्धी से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा था जिसका चर्चा जोरो पर था कि संबंधित अधिकारी अपने चहेतो को कार्यमुक्त करने के बजाय महीनों से अन्य कार्य लेने का हवाला देते हुए कार्यमुक्त करने से परहेज कर रहे थे।

इस बात का प्रकाशन समाचार पत्र में आने से उपजिलाधिकारी दुद्धी ने संज्ञान लेते हुए तीनों लेखपालों को कार्यमुक्त करते हुए अपने क्षेत्र का चार्ज नजदीकी लेखपाल को उपलब्ध कराने हेतु सुनिश्चित किया है।
लेकिन कार्यमुक्त करने की जानकारी मिलते ही तहसीलदार दुद्धी ने अन्य कार्य का हवाला देते हुए कार्यमुक्त हुए लेखपाल के संबंध में जिलाधिकारी को तत्काल पत्र भेज अवमुक्त न करने की कार्यवाही शुरू कर दी जिससे तहसील में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि पुनः चहेते लेखपाल का अपने तहसील दुद्धी में वापसी हों जाए।

कयास लगाया जा रहा कि ऐसी कौन सी खूबी इन लेखपालों में है जिसे तहसीलदार साहब इनसे दूरी सहन नहीं कर पा रहे । जबकि इन लेखपालों के विरुद्ध कई शिकायतपत्र जिलाधिकारी को भेजे जा चुके है जिसमें पैसे और अन्य चीजों के आरोप लगे है ।
दुद्धी तहसील में करीब 85 लेखपाल और अन्य राजस्व निरीक्षक है जिससे तहसील के अन्य कार्य को लिया जा सकता है लेकिन चिन्हित लेखपाल को क्यों स्थानांतरित होने से रोका जा रहा है बड़ा सवाल लोगो के मन में है जिसका जवाब अब तहसील प्रशासन ही दे सकता है ।

