वरिष्ठ पत्रकार राजेश निगम, इंदौर
इंदौर/महेश्वर: प्रशासन का असली सौंदर्य तब निखरता है जब उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से लेकर मैदानी स्तर पर तैनात कर्मचारियों तक, हर कोई संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करता है। इसी का जीवंत उदाहरण हाल ही में महेश्वर के पवित्र नर्मदा तट पर देखने को मिला, जहाँ होमगार्ड सैनिक ललित कुमार बर्चे (141) ने न केवल अपनी ड्यूटी निभाई, बल्कि मानवता की एक ऐसी मिसाल कायम की जिसे स्वयं पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी सराहा।

क्या था मामला?
सावन मास के दौरान महेश्वर में उमड़े श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच, भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मणि शंकर सिन्हा और वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश निगम (प्रदेश अध्यक्ष, म.प्र. – भा.प.सु.प. एवं भारत श्रेया टाइम्स) दर्शनार्थ पहुँचे थे। भीषण गर्मी और लंबी पैदल यात्रा के कारण वरिष्ठ पत्रकार की अस्वस्थता को देखते हुए, वहाँ तैनात सैनिक ललित बर्चे ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने न केवल उनके लिए विश्राम की व्यवस्था की, बल्कि मानवीयता दिखाते हुए सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाने में पूर्ण सहयोग दिया।

अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का दिखा असर
इस पूरी मानवीय घटना को ‘इंदौर समाचार’ और ‘भारत श्रेया टाइम्स’ समाचार पत्रों में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। इन प्रतिष्ठित अखबारों में छपी इस खबर का समाज और प्रशासन दोनों पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत इसका संज्ञान लिया गया।


एसपी रवींद्र वर्मा ने बढ़ाया सैनिक का हौसला
अखबारों में प्रकाशित इस प्रेरणादायक खबर और सैनिक की कार्यकुशलता की जानकारी जब खरगोन एसपी श्री रवींद्र वर्मा (भा.पु.से.) तक पहुँची, तो उन्होंने एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने सैनिक ललित बर्चे को अपने कार्यालय में आमंत्रित कर पुष्पगुच्छ भेंट किया और विशेष रूप से सम्मानित करते हुए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया। एसपी श्री वर्मा ने अपने अर्द्धशासकीय पत्र (क्र. पु.अ./खर./PA/423/2026) में सैनिक की कर्तव्यपरायणता को ‘अत्यंत प्रशंसनीय’ बताया। इस अवसर पर थाना प्रभारी श्री जगदीश गोयल और होमगार्ड अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह ने भी सैनिक की पीठ थपथपाई।

अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणा
यह घटना केवल एक सैनिक के सम्मान की नहीं, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक अमले के लिए एक संदेश है। जब प्रशासन का कोई भी कर्मचारी अपने दायित्वों को सेवाभाव के साथ जोड़ता है, और मीडिया ऐसे सकारात्मक कार्यों को प्रमुखता से सामने लाता है, तो व्यवस्था में सुधार और विश्वास दोनों मजबूत होते हैं। सैनिक ललित बर्चे की यह ‘खाकी वर्दी वाली मानवता’ निश्चित ही अन्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
विशेष संपादकीय रिपोर्ट (भारत श्रेया टाइम्स एवं इंदौर समाचार)
राजेश निगम
म. प्र. प्रदेश अध्यक्ष
भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद एवं अ. भा. कायस्थ महासभा
