अंतिम दम तक मुकदमा लड़ूंगा, सजा दिलाऊंगा -बालक देवाचार्य
सनातन धर्म का अपमान करने वाले आदतन अपराधी
जगद्गुरु ने वकीलों की टीम गठित की
जगद्गुरु बालक देवाचार्य अपने अधिवक्ता डॉ० ए०पी० सिंह के साथ थाने पहुंचे
संतों ने कहा कि शीघ्र बड़ी बैठक बुलाएंगे, सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे
निरंजन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ
वाराणसी, 01 अगस्त। तीन सांसदों का नाटक कर हिन्दू धर्म को नीचा दिखाना भारी पड़ गया। धर्म नगरी काशी के संतों में उबाल है इस प्रश्न के साथ कि कब तक हिन्दुओं और हिन्दू धर्म को नीचा दिखाया जाएगा और हम सहते रहेंगे। फ़िल्म स्टार से लेकर सांसद तक केवल हिन्दुओं को अपमानित कर रहे हैं। जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी महाराज के नेतृत्व में सैकड़ों साधु संत अचानक सड़क पर उतर गए। इन तीनो सांसदों ने पिछले दिनों संसद के सामने साधु बनकर भगवा कपड़ा पहनकर चोरी करते हुए नाटक किया और खुलेआम संसद भवन के सामने मीडिया की उपस्थिति में हिन्दू धर्म के प्रतीकों का अपमान किया। इससे करोड़ो हिन्दुओं की न सिर्फ भावना आहत हुई बल्कि संत काफी नाराज हो गए।

संत समाज ने विधिक लड़ाई को मजबूती देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह को विशेष रूप से प्रयागराज से काशी आमंत्रित किया, जिन्होंने पूरे प्रकरण की कानूनी रणनीति तैयार की। उनके विधिक परामर्श के आधार पर विस्तृत प्रार्थना-पत्र तैयार किया गया, जिसके साथ साधु-संत पैदल मार्च करते हुए पुलिस अधिकारियों के समक्ष पहुँचे। पुलिस अधिकारियों के समक्ष डॉ. ए.पी. सिंह ने शिकायत के विधिक पक्ष को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए यह स्पष्ट किया कि प्रकरण में संज्ञेय अपराध के तत्व विद्यमान हैं तथा विधि के अनुसार कार्रवाई अपेक्षित है। शिकायत एवं प्रस्तुत तथ्यों पर विचारोपरांत लिखित तहरीर के आधार पर सांसद पप्पू यादव, राहुल गांधी एवं अवधेश प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।

शिकायत के अनुसार, इन तीनों सांसदों ने हाल ही में संसद परिसर के बाहर भगवा वस्त्र धारण कर साधु का अभिनय करते हुए चोरी का प्रदर्शन किया, जिससे हिन्दू संत परम्परा, भगवा वेश एवं हिन्दू धार्मिक प्रतीकों का सार्वजनिक रूप से उपहास और अपमान हुआ। संत समाज का कहना है कि इस घटना से करोड़ों हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। संतों ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म, उसके प्रतीकों अथवा आस्था का सार्वजनिक उपहास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं हो सकता और ऐसे मामलों में कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य जी महाराज ने कहा कि ये तीनो सनातन धर्म के अपमान और हिंदुओ को नीचा दिखाने के आदतन अपराधी है। हर बार अपमान करते है और हिन्दू धर्म का अपमान करने वालो को प्रोत्साहित करते है। ये जानबूझकर हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने का काम करते है। इसलिए एफआईआर किया गया है, अदालत में मुकदमा लड़ेंगे और इन तीनो को सजा दिलवाकर रहेंगे। पप्पू यादव बिहार का कुख्यात अपराधी है, हत्या से लेकर अपहरण तक मुकदमा है, लेकिन पता नहीं कैसे इस तरह के अपराधी चुनाव जीत जा रहे है। पप्पू यादव के खिलाफ अब तक जितने मुकदमे है उसको फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि इसको सजा मिल सके। राहुल गांधी बार-बार अपमान करता है, ये तो हिन्दुओं को आतंकी बताने की साजिश कर रहा था। हम किसी कीमत पर नही छोड़ेंगे। अभी तो संत और साधु सड़को पर उतरेंगे, जरूरत होगी तो दिल्ली कूच करेंगे।

अधिवक्ता डॉ० ए०पी० सिंह ने कहा कि तीनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत है और इनके द्वारा बार-बार हिन्दू धर्म को अपमानित करने का भी संदर्भ है। इनको अदालत में पेश होना पड़ेगा और पूरी ताकत के साथ मुकदमे की पैरवी की जाएगी। पप्पू यादव के अपराधो को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सक्रिय कार्यवाई करनी चाहिए। ये सिर्फ संतो का मामला नही है बल्कि भारत की महान संस्कृति का भी है। राम और राष्ट्र के अपमान के साथ समझौता नही होगा।

महंत प्रभुरामदास जी महाराज ने कहा कि इस कुकृत्य को क्षमा नही किया जाएगा, इसको विश्व स्तर पर उठाया जाएगा। सभी संत अपने मठों और मंदिरों में आने जाने वाले सनातनियो को पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद के कुकृत्य बताए, वीडियो दिखाए। इनको कानून जरूर सजा देगा।
इस अवसर पर महंत जगदीश्वर दास, महंत अवधेश दास, ईश्वर दास, अवध किशोर दास, अनिल शास्त्री, सुदर्शन दास, अभिराम दास जी, विजयराम दास के साथ सैकड़ो संत थाने पहुंचे।
