आयुष श्रीवास्तव / अनुज अग्रवाल / गरिमा मिश्रा
रेणुकूट, (सोनभद्र) : रेणुकूट बाजार में निवास करने वाले हजारों व्यापारियों के सामने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र न बन पाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इस संबंध में रेणुकूट व्यापार मंडल के अध्यक्ष बृज किशोर गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी पिपरी को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की।

व्यापार मंडल अध्यक्ष ने ज्ञापन में बताया कि रेणुकूट बाजार में करीब 10 से 12 हजार व्यापारी परिवार के साथ रहकर अपना व्यवसाय कर रहे हैं। हिण्डालको इंडस्ट्रीज की स्थापना के समय से ही ये लोग यहां बसे हैं और आम जनता को सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन रेणुकूट बाजार का अधिकांश हिस्सा नगर पंचायत रेणुकूट में शामिल नहीं है।
इसी वजह से नगर पंचायत द्वारा इन व्यापारियों के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। दूसरी ओर पूरे बाजार को हिण्डालको इंडस्ट्रीज लि. ने औद्योगिक नगर क्षेत्र में शामिल कर लिया है, लेकिन औद्योगिक नगर में रहने वालों को कंपनी की ओर से भी कोई बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही है।

“हम जाएं तो कहां जाएं। एक तरफ नगर पंचायत मना कर रही है, दूसरी तरफ कंपनी कोई सुविधा नहीं दे रही। बिना जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के बच्चों के स्कूल में प्रवेश, आधार, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं में दिक्कत आ रही है,” ज्ञापन में कहा गया।
व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकरण पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए व्यापारियों के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की सरल प्रक्रिया शुरू की जाए और उचित मार्गदर्शन दिया जाए। ताकि व्यापारी भी “आत्मनिर्भर भारत” का हिस्सा बन सकें।
प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा जताया कि प्रशासन सकारात्मक पहल करेगा तो हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
